इस्लामिक आतंकवाद

इस्लामी कट्टरता : आज दुनिया में एक बात की चर्चा बहुत ही ज्यादा जोर पकड़ रही है की इस्लाम का प्रसार जिस प्रकार से दुनिया में बढ़ता जा रहा है ये आज किसी से छुपा नहीं है  पर जब ये अपने चरम पर है तो इससे उत्पन विपतियो को भी इंसानो को ही भुगतना पड़ रहा है | आज दुनिया में सत्ता एक एक नया रास्ता भी तलाशा जा रहा है जिसके लिए धरम का सहारा लिया जा रहा है इस बात को नाकारा नहीं जा सकता

इस्लामी आतंकवाद: वैसे तो कहा जाता रहा है की आतंकवाद और आतंकवादी का कोई धरम नहीं होता है  पर पिछले कुछ समय से ये भी गलत साबित हो रहा है | क्यों की जब इंसान किसी को किसी स्वार्थ या बदले की भावना से मरता है या लूटपाट के या लालच के लिए मरता है तो वो निश्चित ही अपराधी कहा जाता है| किसी की सम्पति को हड़पने के लिए मरता है तो उसे आक्रांता भी कहा जाता है पर जब इसांन किसी को सिर्फ धर्म के लिए मारे तो आतंकवादी कहलाते है |

जहा दुनिया में आज जहा भी बड़े धमाके जो रहे है उनका मकसद सिर्फ जिहाद करना हो तो वो बन जाता है इस्लामिक आतंकवाद | शुरू के दसको में लोग सिर्फ आतंकवाद को ही देख रहे थे जहा कुछ सनकी  लोग सिर्फ अपनी सनक को खुद को तहत समाज को छतिग्रस्त कर रहे थे पर जब धीरे धीरे चीजे साफ होनी सुरु हुई  जो तस्वीर सामने आयी वो बिलकुल ही अलग थी | जहा लोगो की मान्यता ये थी की दुनिया को ईस्लामिक  करना है और जो नहीं मानेगा उस काफिर को मिटा देना है  ये ही है इस्लामिक आतंकवाद की परिभाषा|

विश्व के सभी देश अब इस पर विचार करने लगे है क्यों की  आज आतंकवाद का भले कोई धरम न रहा हो पर हर आतंकवादी एक हो धर्म से आये तो सच में ही लोग- सोचना और मुखर होने लगते है  क्यों की अब अमेरिका  के बाद विश्व के लगभग सभी देश खुद को इस्लामिक आतकवाद से ग्रसित महसूस कर रहे है और सभी देस इसके लिए कड़े और मूल कारणों की खोज भी कर रहे है|

जिन देशो ने कभी आपने फिलॉस्प्रो और ग्रंथो को छोड़ दुसरो को देखा भी नहीं वो भी कुरान की विवेचना करा रहे है और समझने की कोसिस कर रहे है की क्यों आतंकवादी इसी समुदाय विशेष से बन जाते है | जो समाज और लोगो का अहित करने से आंनददित होते है |

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