मैं होश में था तो फिर उस पर मर गया कैसे  

मैं होश में था तो फिर उस पर मर गया कैसे

 

मैं होश में था तो फिर उस पर मर गया कैसे

ये ज़हर मेरे लहू मैं उतर गया कैसे …

 

कुछ उस के दिल में लगावट ज़रूर थी वरना

वोह मेरा हाथ दबा के गुज़र गया कैसे …

ये जहर मेरे लहू मैं उतर गया कैसे

 

ज़रूर  उस कि तावाजः  कि रहबरी होगी

नशे में था तो आपने ही घर गया कैसे ….

 

जिसे भुलाये कई साल हो गए कामिल

मैं आज उस कि गली से गुज़र गया कैसे

ये जहर मरे लहू मैं उतर गया कैसे …

मैं होश में था तो फिर उस पर मर गया कैसे

ये ज़हर मेरे लहू मैं उतर गया कैसे …

 

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Bajrang

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